औरैया जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2013 के संबंध में जागरूकता कार्यशाला का किया गया आयोजन दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट सभागार में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2013 के संबंध में जागरूकता कार्यशाला का किया गया आयोजन दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश )
उत्तर प्रदेश औरैया कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2013 के संबंध में अधिकाधिक कार्य स्थलों एवं आमजन में जागरूकता लाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि विभागाध्यक्ष और निजी संस्थानों के नियोक्ता यह सुनिश्चित करें कि कार्य करने वाली महिलाओं के प्रति कोई भी गलत नजरिया न रखें और उन्हें सम्मानपूर्वक कार्य करने की लिए सहयोग करें जिससे उनकी कार्य क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि कानून के प्रति जागरूकता लाने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम किए जाएं और यदि किसी के द्वारा किसी भी कार्य करने वाली महिला के प्रति कोई अभद्रता की जाती है तो पाश एक्ट के तहत निर्धारित समय सीमा में नियमानुसार कार्यवाही कराये। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में महिलाएं बराबर की भागीदार है इसलिए उन्हें किसी भी तरह से कम करके नहीं आंका जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी कि यदि उनके साथ कोई दुर्व्यवहार या सम्मान में ठेस पहुंचाने जैसा कृत्य करता है तो उनके विरुद्ध वह स्वयं भी खड़ी हो जाएं और किसी भय के कारण दुर्व्यवहार को न सहे। उक्त अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं को अब किसी भी प्रकार से डरने और चुप रहने की जरूरत नहीं है यदि उनके साथ अब कोई गलत नजरिए से पेश आता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विरोध में खड़ी होकर कार्यवाही कराये। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वाति चन्द्रा ने कहा कि यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2013 के प्रति आम लोगों में जन जागरूकता लाने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं जिससे आमजन में जानकारी हो और वह कानून का नियमानुसार प्रयोग कर सकें। उन्होंने कहा इसके लिए सरकारी विभागों में भी समितियों का गठन हो और यदि कोई मामला विभाग/ कार्यालय से संबंधित मामला संज्ञान में आता है तो गठित विभागीय समिति /नोडल अधिकारी के द्वारा विधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। इस अवसर पर अधिवक्ता अनिल चतुर्वेदी, स्थाई लोक अदालत सदस्या विनीता पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुनील कुमार वर्मा ने भी अधिनियम के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी और इसके संबंध में आमजन में अधिकाधिक जागरूकता बढ़ाने के लिए भी कहा। उक्त कार्यशाला में जिलाधिकारी ने मिशन शक्ति के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिला सामाजिक समन्वयक विद्या सेंगर, महिला कल्याण अधिकारी वंदना शर्मा, केस वर्कर वन्दना कुशवाहा एवं मल्टीपरपज एकता सक्सेना को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उक्त कार्यशाला में जिला विकास अधिकारी करुणापति मिश्र, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी बब्बन प्रसाद मौर्य, अधीक्षण अभियंता विद्युत बृजमोहन, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अशोक कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी कामिनी गौतम, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद राम आसरे कमल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
