जौनपुर एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा पूर्व सांसद धनंजय सिंह को दोषी करार पाए जाने कल सुनाया जाऐगा फैसला हिरासत मे लेकर भेजा गया जेल पति धनंजय सिंह से जेल मिलने पहुंची उनकी पत्नी श्रीकला। ( विशाल सोनकर की खास रिपोर्ट )

 

( एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा पूर्व सांसद धनंजय सिंह को दोषी करार पाए जाने कल सुनाया जाऐगा फैसला हिरासत मे लेकर भेजा गया जेल पति धनंजय सिंह से जेल मिलने पहुंची उनकी पत्नी श्रीकला )

जौनपुर।लोकसभा चुनाव सिर पर है‌। चुनावी बिगुल जल्द बज सकता है।इसी बीच लोकसभा चुनाव से पहले जौनपुर पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह को बड़ा झटका लगा है।धनंजय सिंह की चुनाव लड़ने की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। अपहरण और रंगदारी मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने धनंजय सिंह और संतोष विक्रम दोषी करार दिए गए हैं। अपर सत्र न्यायाधीश शरद त्रिपाठी की अदालत ने धनंजय सिंह को दोषी करार दिया। दोषी करार होते ही धनंजय सिंह को जेल भेज दिया गया। सजा के मामले पर सुनवाई बुधवार को होगी। मिली जानकारी के अनुसार मुजफ्फरनगर निवासी नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को जौनपुर के लाइन बाजार थाने में अपहरण रंगदारी और अन्य धाराओं में धनंजय और उनके साथी विक्रम पर एफआईआर दर्ज कराई थी।आरोप लगाया कि संतोष विक्रम दो साथियों के साथ वादी को अपहरण कर पूर्व सांसद के आवास पर ले गए। वहां धनंजय सिंह पिस्टल लेकर आए और गालियां देते हुए उसे कम गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति करने के लिए दबाव बनाया। अभिनव सिंघल ने आरोप लगाया कि धनंजय सिंह की बात मानने से इनकार करने पर धमकी देते हुए उनसे रंगदारी मांगी गई। इस मामले में एफआइआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पूर्व सांसद गिरफ्तार हुए और बाद में जमानत पर जेल से बाहर आ गए। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के मैनेजर अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को थाना लाइन बाजार में अपहरण, रंगदारी व अन्य धाराओं में लाइन बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया था कि 10 मई 2020 को विक्रम और उसके सहयोगियों द्वारा उसका अपहरण करके धनंजय सिंह के आवास पर ले जाया गया। जहां धनंजय ने पिस्टल निकाल कर धमकाया।रंगदारी मांगा।आरोपियों ने जबरन गिट्टी बालू की आपूर्ति के लिए दबाव डालते हुए धमकी दिया।वादी की एफआइआर पर आरोपी गिरफ्तार हुए।जेल गए।बाद में वादी एफआइआर में कही गई बातों से मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान में मुकर गया और कहा कि धनंजय व विक्रम ने न तो अपहरण कराया न रंगदारी मांगी।वादी के घटना से मुकरने का फायदा विक्रम को तो मिल गया लेकिन धनंजय चूक गए। सूत्रों की माने तो पहले विवेचक ने फाइनल रिपोर्ट टी ओ ऑफिस में दाखिल भी कर दी थी बाद में पुलिस के उच्च अधिकारी के आदेश से पुनः विवेचना हुई और इस बार चार्ज शीट दाखिल हुई।धनंजय सिंह को आज जिन धाराओं ( 364, 386, 504, 506, 120 B) के तहत कोर्ट ने दोषी करार दिया है, उनमें उनका दो साल के ऊपर सजा पाना तय माना जा रहा है.यानी चुनाव की उम्मीदवारी पर ग्रहण लग सकता है और पत्नी के उम्मीदवार होने की सम्भावना बढ़ रही है | अदालत कल बुधवार को सजा तय करेगी |

( विशाल सोनकर की खास रिपोर्ट )

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