मध्यप्रदेश नरसिंहपुर में जिला अस्पताल में 700 का इंजेक्शन ब्लैक से 10,000 का खरीदा नहीं लग पाया मां को डॉक्टरों की घोर लापरवाही से हुई मां की मौत परिजनों ने लगाया आरोप। ( बालकृष्ण तिवारी की खास रिपोर्ट मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश नरसिंहपुर में अपने परिजनों को खोने की तस्वीर सिस्टम के सितम को झकझोर रही है.. मां की मौत से व्याकुल परिजनों का विलाप बता रहा है कि कोरोना का कहर किस तरह जिले में खौफ बरसा रहा है जिला अस्पताल के कोविड केयर सेंटर परिषर की ये तस्वीर हैआमगांव की रहने वाली एक महिला ने कोरोना से दम तोड़ दिया | परिजनों ने बताया बामुश्किल ब्लेक में इंजेक्शन बुलायामहज 700 का रेडिमिशिविर इंजेक्शन जिले में हैं नही तो जबलपुर से 10 हजार से ज्यादा में खरीदा आखिर मां की जान का सवाल था पर इंजेक्शन ही न लग पायाऔर बेटी के मुताबिक इलाज के अभाव में मां ने दम तोड़ दिया | बिलख बिलख कर बता रही बेटी साफ कह रही हैं जब दवा नही तो इलाज क्यों कर रहे ये सवाल कोरोना के दौर में सिस्टम पर बड़ा तीखा प्रहार है | कोविड केयर सेंटर में कभी एक ही पेशेंट को निगेटिव बताया जाता है तो कभी उसे ही पॉजिटिव बताकर इलाज कराने मजबूर कर दिया जाता है |आखिर कैसे कोरोना के नाम पर सब हो रहा है इसे कहने सुनने वाला भी कोई नही |अब जब इस मामले को लेकर जिम्मेदारों से बात की तो उन्होंने बताया कि इलाज में देरी और लंग्स की खराबी ने मरीज को जिंदा रहने लायक ही नही बचने दिया | अब हम ऐसे में क्या करें वहीं महिला के बेटे से फोन पर बात हुई तो उसका साफ़ आरोप था कि इलाज में देरी,इंजेक्शन लगाने में पीपीई किट पहनने का हवाला दिया गया जिससे उसकी मां को सही इलाज न मिला और उन्होंने दम तोड़ दिया |

( बालकृष्ण तिवारी की खास रिपोर्ट )
