औरया एक विचित्र पहल सेवा समिति द्वारा नवरात्रि के पावन पर्व पर यमुना तट पर दीपदान का आयोजन कर हर वर्ष की इस वर्ष भी बड़े धूमधाम से मनाई गई यमुना छठ जयंती । ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

( एक विचित्र पहल सेवा समिति द्वारा नवरात्रि के पावन पर्व पर यमुना तट पर दीपदान का आयोजन कर हर वर्ष की इस वर्ष भी बड़े धूमधाम से मनाई गई यमुना छठ जयंती )

उत्तर प्रदेश औरैया एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा नवरात्रि छठ यमुना जयंती के पावन अवसर पर यमुना आरती का दिव्य आयोजन किया गया, आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में मा. अनूप कुमार गुप्ता अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, औरैया व विशिष्ट अतिथि के रूप में मा. शिवकुमार पुरवार जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय पुरवार पोरवाल महासभा, औरैया, “गंगा समग्र” के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता एडवोकेट व गहोई सेवा समिति, औरैया के अध्यक्ष विष्णु गहोई मौजूद रहे, अतिथियों ने यमुना मैया की विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ घंटा शंख आदि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के साथ के साथ यमुना मैया की दिव्य आरती उतारकर उनका गुणगान किया, धार्मिक आयोजन के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना का उद्गम यमुनोत्री से है, यमुनोत्री जाए बिना उस क्षेत्र की यात्रा अधूरी मानी जाती है, गढ़वाल क्षेत्र की यह 65 सौ मीटर सबसे बड़ी चोटी है, इसे सुमेर भी कहते हैं इसके एक भाग का नाम कलिंद् है, यहीं से यमुना प्रारंभ होती हैं, समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष नवरात्र की छठ को यमुना जयंती के पावन अवसर पर यमुना आरती का भव्य आयोजन यमुना तट पर स्थित विश्रांत पर धूमधाम से मनाया जाता हैं, यमुना मैया की आरती के उपरांत श्रद्धालुओं ने दीपदान के अंतर्गत अपने व अपने परिवार की सलामती, सुख-समृद्धि, शांति व संपन्नता हेतु अपनी आस्था का एक एक दीपक यमुना मैया के चरणों में समर्पित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य अतिथि ने बताया कि जल संरक्षण के अंतर्गत पानी की बर्बादी रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान जरूरी है, समिति के संस्थापक ने कहा कि शीघ्र ही “जल संरक्षण” के अंतर्गत जागरूकता अभियान प्रारंभ किया जाएगा, कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पानी को दुरुपयोग न करने की शपथ ली समिति के संस्थापक ने बताया कि यमुना और यमराज परम तेजस्वी सूर्य देवता की संतान हैं, यमराज ने अपनी बहन यमुना को वरदान दिया था कि यमुना में स्नान करने वाले प्राणी को कभी यमलोक नहीं जाना पड़ेगा, नव संवत्सर शुरू होते ही छह दिन बाद छठ को यमुना अपने भाई यमराज को छोड़कर धरा धाम पर आ गई थी, इसलिए नवरात्र छठ को यमुना जयंती धूमधाम से मनाई जाती है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शारदा देवी, लक्ष्मी बिश्नोई, एकता गुप्ता, गुड्डन गुप्ता, दामिनी गुप्ता, बबिता गुप्ता, पूजा पोरवाल, डॉ. एस.एस.परिहर, अजय कांत गुप्ता, कपिल गुप्ता, सुनील अवस्थी, विमल गुप्ता, आनन्द गुप्ता (डाबर), शिक्षक अनुराग गुप्ता, आदित्य पोरवाल, मनोज पुरवार, अनूप बिश्नोई, हिमांशु दुबे, अनुपम गुप्ता, मोहित अग्रवाल (लकी), संतोष कुशवाहा, संजय अग्रवाल आदि एक सैकड़ा श्रद्धालु मौजूद रहे।


( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

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