रायबरेली अमेठी में अहम ठिकाना भुएमऊ गांव स्थित सांसद आवास में रुकती हैं प्रियंका,गांधी लोकसभा चुनाव का महासंग्राम जारी आइये जानते हैं विस्‍तार से इस बारे में | ( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )

( अमेठी में अहम ठिकाना भुएमऊ गांव स्थित सांसद आवास में रुकती हैं प्रियंका,गांधी लोकसभा चुनाव का महासंग्राम जारी आइये जानते हैं विस्‍तार से इस बारे में )

उत्तर प्रदेश रायबरेली देश की हाई प्रोफाइल लोकसभा अमेठी और रायबरेली में लोकसभा चुनाव का महासंग्राम जारी है।इस महासंग्राम में अमेठी और रायबरेली में प्रियंका गांधी वाड्रा मजबूती से डटी हैं।प्रियंका अधिक से अधिक जनसभा कर रही हैं और‌ लोगों से भी मिल रही हैं।भाई राहुल गांधी को जीत का ताज पहनाने के लिए प्रियंका वोटरों तक पहुंच कर अपनी बात कहने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।राहुल से ज्‍यादा प्रियंका लोगों से मिल रही हैं।सुबह से ही प्रियंका की दैनिक गतिविधियां शुरू हो जाती हैं।लोग, कार्यकर्ता प्रियंका से मिलने आते हैं और आगे की रणनीति तैयार होती है। प्रियंका गांधी राह चलते हुए भी लोगों से मिलती हैं और उनसे इस मिजाज़ से मिलती हैं,जैसे उनका बरसों से जानने वाला है। प्रियंका खेत में काम कर रही महिलाओं को देख रुक जाती हैं और दोपहर के समय खाना भी उनके साथ खा लेती हैं। रायबरेली में प्रियंका और गांधी परिवार के सदस्‍य सांसद भवन में ठहरते हैं,लेकिन गुरु जी का आवास गांधी परिवार के लिए यहां सबसे अहमियत रखता है।आइये जानते हैं विस्‍तार से इस बारे में

रायबरेली में चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका गांधी कहां रुकती हैं ।

प्रियंका गांधी रायबरेली में भुएमऊ गांव स्थित सांसद आवास में रुकती हैं।यह आवास 2012 में बना था।सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी यहीं रुकते हैं। AICC ने इस जमीन को खरीदा था।यह एक मंजिला भवन है, जिसमें एक हॉल और कुछ कमरे हैं।भवन में कोई सचिवालय जैसा नहीं है और एसपीजी सुरक्षा के कारण यह उनकी सख्‍त निगरानी/कब्जे में ही रहता है।इसमें केयरटेकर के साथ ही दूसरे जरूरी कर्मचारी, रसोइया रहते हैं।जब गांधी परिवार के सदस्‍य यहां आते हैं,तभी गाड़ियां भी यहां आती हैं।

इस आवास में हैं सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस आवास में सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।यह एसपीजी सुरक्षा के अधीन है और प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी के कमरे भी सुरक्षा दायरे में हैं।इस आवास के परिसर में दो ढाई हजार लोगों के जमा होने की जगह है।यहां सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ लग जाती है।कैंपस पांच से एकड़ के बीच में है।

प्रियंका चुनाव प्रचार के दौरान क्या करती हैं ।

प्रियंका गांधी सुबह अपनी टीम के साथ बैठक करती हैं और चुनावी अभियान शुरू करती हैं।दिन में प्रियंका चुनावी नुक्कड़ सभा करती हैं और देर रात तक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करती हैं।चुनाव प्रचार के दौरान प्रियंका दोपहर का भोजन रास्ते में ही किसी सुनसान जगह पर गाड़ी में या फिर खेतों में महिलाओं के साथ करती हैं।

गुरु जी आवास गांधी परिवार के लिए क्यों है महत्वपूर्ण ।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के नामांकन की शुरुआत गांधी परिवार के केंद्रीय कार्यालय से होती है।गुरु जी का आवास ही कभी केंद्रीय कार्यालय कहा जाता था।गया प्रसाद शुक्‍ल उर्फ गुरु जी ने सत्‍य नगर स्थित अपने आवास से इंदिरा गांधी के नामांकन के लिए हवन पूजन की शुरुआत कराई थी।तब से अब तक सोनिया गांधी और राहुल गांधी भी इस परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं।नामांकन से पहले गांधी परिवार के ये सदस्‍य यहीं हवन पूजन कर नामांकन के लिए निकलते हैं।इंदिरा गांधी के समय में इसे ही केंद्रीय कार्यालय भी कहा जाता था, हालांकि अब कांग्रेस दफ्तर में एक हिस्‍सा सांसद के कार्यालय के तौर पर चलता है, जहां सांसद के प्रति‍निधि बैठते हैं और क्षेत्र के लोगों का जरूरी काम करवाते हैं।रहने के लिए भुएमऊ गांव में पांच छह एकड़ में जमीन खरीदकर एआईसीसी ने सांसद आवास बनवा लिया।फ‍िर भी नामांकन से पहले राहुल गांधी से परंपरा का निर्वाह करते हुए गुरू जी के आवास में जीत के लिए देवताओं की आराधना और हवन किया।इंदिरा गांधी से जुड़े होने के कारण इस आवास का ऐतिहासिक महत्व हो गया है। दरअसल गया प्रसाद शुक्‍ल उर्फ गुरू जी कांग्रेस से जिला पंचायत के सदस्‍य थे और इंदिरा गांधी के समय से ही क्षेत्र के लोगों और इंदिरा के बीच कड़ी का काम किया करते थे।शुक्‍ल उस समय इंदिरा गांधी के सहयेागी रहे यशपाल कपूर के साथ मिलकर काम किया करते थे। क्षेत्र में गया प्रसाद शुक्‍ल को लोग गुरू जी के नाम से जानते थे।उन्‍हें गुरु जी कहा जाता था।

( धन्नजय सिंह की खास रिपोर्ट )

samacharlive24

Back to top button
error: Content is protected !!