औरया एक विचित्र पहल सेवा समिति के सौजन्य से यमुना तट अंत्येष्टि स्थल पर नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा वाटर की स्थापना हेतु पूजा कर बोरिंग का किया गया शुभारंभ। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

( एक विचित्र पहल सेवा समिति के सौजन्य से यमुना तट अंत्येष्टि स्थल पर नगरपालिका अध्यक्ष द्वारा वाटर की स्थापना हेतु पूजा कर बोरिंग का किया गया शुभारंभ )
उत्तर प्रदेश औरैया समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति के अथक प्रयास से आज दिनांक 8 जून 2024 दिन शनिवार को प्रातः 11 बजे नगर पालिका परिषद, औरैया द्वारा यमुना तट पर ऊपर स्थित निर्माणाधीन अंत्येष्टि स्थल पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष मा. अनूप कुमार गुप्ता द्वारा पूजा-अर्चना के साथ नारियल फोड़कर बड़े वाटर कूलर की स्थापना हेतु पानी की बोरिंग का काम प्रारंभ कराया गया, उन्होंने बताया कि इसमें बिजली का झंझट नहीं है, वाटर कूलर पूर्ण रूप से सोलर सिस्टम द्वारा संचालित होगा, जिससे चिलचिलाती गर्मी में अंत्येष्टि में आए लोगों को पीने का ठंडा पानी सदैव मिलता रहेगा। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि जनहित को दृष्टिगत रखते हुए विचित्र पहल संस्था द्वारा यमुना तट की स्वच्छता व सौंदर्रीकरण हेतु विगत् 10 वर्षों से सत्य के अंत्येष्टि स्थल पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है, संस्था यमुना तट की मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु समर्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है, उन्होंने बताया कि लगभग एक माह बाद यमुना नदी में बाढ़ आने के कारण दिवंगत लोगों की अंत्येष्टियां ऊपर अंत्येष्टि स्थल पर होने लगेंगी,गौरतलब है कि एक माह पूर्व (5 मई को) समिति ने जन-सहयोग से अंत्येष्टि स्थल परिसर में 14 सीलिंग पंखे लगवाए थे, अब पीने के ठंडे पानी हेतु वाटर कूलर की स्थापना होने से तपती गर्मी व ऊमस में शव यात्रा के साथ आए हुए लोगों को पंखों की हवा व पीने के ठंडे पानी से काफी राहत मिलेगी, मौजूद लोगों ने नगर पालिका अध्यक्ष का हृदय से आभार व्यक्त किया, समिति के संस्थापक ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए यमुना तट, औरैया पर विद्युत शवदाह गृह की स्थापना हेतु जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार से निरंतर मांग की जा रही है, उसकी स्थापना के लिए भी समिति द्वारा भगीरथ प्रयास किया जा रहा है। आयोजन में प्रमुख रूप से समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता, रामप्रसाद, सतीश चंद्र, अभिमन्यु, कुलदीप, अजय बाल्मीकि आदि लोग मौजूद रहे।
( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )