औरया जिलाधिकारी ने जनपद में गौशालाओं स्थलों एंव गौवशों की सुरक्षा व्यवस्था व खान/ पान के दृष्टिगत की समीक्षा बैठक दिए आवश्यक दिशा निर्देश। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

( जिलाधिकारी ने जनपद में गौशालाओं स्थलों एंव गौवशों की सुरक्षा व्यवस्था व खान/ पान के दृष्टिगत की समीक्षा बैठक दिए आवश्यक दिशा निर्देश )

उत्तर प्रदेश औरैया जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक में गोवंशों/ गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि गोआश्रय स्थलों में गोवंशों के लिए भूसा, चारा, दाना, सहित हरा चारा तथा साफ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके बैठने हेतु छाया के अतिरिक्त यह भी सुनिश्चित किया जाए कि उनके बैठने के स्थान पर जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न न हो और कोई जानवर आदि भी अंदर न घुसने पाए इसके लिए सभी संबंधित चाहरदीवारी /तार की जाली से सुरक्षित करना सुनिश्चित करें, जिससे किसी भी गोवंश को कोई क्षति न पहुंचे। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि गोवंशों की शत प्रतिशत ईयर टैगिंग की जाए और अस्वस्थ गोवंशों का नियमित रूप से संबंधित डॉक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उपचार किया जाए जिससे वह स्वस्थ हो सके। उन्होंने कहा यदि किसी गोवंश की गोआश्रय स्थल में मृत्यु होती है तो उसको नियमानुसार दफनाने की कार्यवाही की जाए । उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं का टीकाकरण समय रहते पूर्ण किया जाए जिससे कोई भी बीमारी न फैलने पाये। उन्होंने उप जिला अधिकारी सदर को निर्देश दिए कि यदि खलिहान आदि की भूमि पर किसी के द्वारा अतिक्रमण/ कब्जा है तो नियमानुसार कब्ज़ा हटाए। उन्होंने चारागाह की भूमि पर चारा बुवाई करने के निर्देश दिए और कहा की चारा तैयार होने के उपरांत गोवंशों को भूसे के साथ-साथ हरा चारा भी दिया जाए। उन्होंने अटसू तथा अजीतमल में कान्हा गौशाला बनाए जाने हेतु भूमि चिन्हित करने के लिए संबंधित को निर्देशित करते हुए कहा कि इस कार्य को प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को निर्देश दिए कि पशुपालकों द्वारा यदि गोवंश छोड़े जाते हैं तो उनकी पहचान कर उन्हें पकड़ने /उनके विरुद्ध जुर्माना जैसी कार्यवाही कराये जिससे बाजारों में पशुओं के कारण होने वाली घटनाओं को भी रोका जा सके।उक्त अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर राकेश कुमार, जिला विकास अधिकारी करुणा पति मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी कामिनी गौतम, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।


 ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )

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