वृंदावन मथुरा थाना जैत क्षेत्र डालमिया फ़ार्म हाउस में 450 पेड़ काटने के प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा जमानत खारिज कर सभी आरोपियों को भेजा गया जेल। ( मथुरा जॉइंट एडिटर न्यूज़ आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी कात्यायन पचौरी की खास रिपोर्ट )

( वाइट,,रजनीकांत मित्तल,,जिला वन विभाग अधिकारी )
( थाना जैत क्षेत्र डालमिया फ़ार्म हाउस में 450 पेड़ काटने के प्रकरण में माननीय न्यायालय द्वारा जमानत खारिज कर सभी आरोपियों को भेजा गया जेल )
वृंदावन मथुरा थाना जैंत इलाके में मौजूद डालमिया बाग उस समय सुर्खियों में आया जब 18/19 सितंबर की रात में डालमिया बाग और सरकारी जगह में से 454 पेड़ों को हरे भरे पेड़ों को एक ही रात में जेसीबी मशीन और पोकलेन की मदद से धराशाई कर दिया गया , इस पूरे प्रकरण में शासन प्रशासन का रवैया ढीला दिखा और मामले के तूल पकड़ने के बाद वन प्रेमियों साधु संतों और किसान संगठनों समाजसेवियों के आगे आने के बाद वन विभाग ,mvda और विद्युत विभाग ने जैंत थाने में एफआईआर दर्ज कराई , इसके बाद पुलिस ने शंकर सेठ सहित 42 आरोपियों को अदालत में पेश किया और इन सभी को अंतरिम जमानत कोर्ट द्वारा दे दी गई । इसी मामले में कल 23 अक्टूबर को 31 आरोपी एसीजीएम प्रथम सोनिका वर्मा की अदालत में हाजिर हुए तो अदालत ने सभी हाजिर हुए 31 आरोपियों की अंतिम जमानत को खारिज करते हुए सभी को न्याय हिरासत में जेल भेजना के आदेश दिए , इसके बाद सभी 31 आरोपियों को जेल भेज दिया गया और शेष बचे 11 आरोपियों जो अदालत में हाजिर नहीं थे उन सभी के खिलाफ वारंट जारी कर दिए गए , जेल भेजे गए लोगों में शंकर सेठ सहित मजदूरी कर रोजी-रोटी कमाने वाले मजदूरी पर आए लोग , जेसीबी को पोकलेन मशीन चलाने वाले ड्राइवर शामिल है । लेकिन अभी तक इस पूरे मामले के बाजीगर मथुरा वृंदावन के बड़े सफेदपोस भू माफियाओं पर जिला प्रशासन ने कोई सख्त कार्यवाही नहीं की है वही डिस्टिक फॉरेस्ट अधिकारी रजनीकांत मित्तल से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि जैसा कि आपको पता है कि 419 गैरबन भूमि और 35 वन भूमि पर खड़े पेड़ों का पतन हुआ था इस संबंध में नगर निगम , विद्युत विभाग और वन विभाग द्वारा FIR की गई थी कोर्ट में जो बहस चल रही थी उसमें अंतरिम बेल पर 42 अपराधी चल रहे थे अंतरिम बेल का विरोध लगता किया जा रहा था जिसमें डीजे कोर्ट में भी एक अपील अंतरिम बेल के खिलाफ की थी , बीते हुए कल में एसीजेएम कोर्ट में बहस हुई थी जो विभाग के पक्ष को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अंतरिम बेल खारिज कर दी गई है और समस्त 42 अपराधियों की बेल को खारिज कर दिया है इसमें जो भी एविडेंस आगे मिलते जाएंगे उनमें भी कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी वन विभाग द्वारा भी कुछ लोगों को नोटिस दिए गए हैं जिन लोगों को नोटिस दिए गए थे उन्होंने कुछ ने बयान दर्ज कर दिए हैं और कुछ ने आगे का समय मांगा है ।

( मथुरा जॉइंट एडिटर न्यूज़ आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी कात्यायन पचौरी की खास रिपोर्ट )
