बाराबंकी विधायक मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस पंजीयन करने वाले परिवहन कर्मी की तलाश सक्रिय हुई पुलिस के हाथ लग सकता हम सुराग | |

 ( मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस पंजीयन करने वाले परिवहन कर्मी की तलाश में सक्रिय हुई पुलिस पंजीयन फाइल में दर्ज कर्मचारियों के हस्तलेख मिलान करेंगी पुलिस। )

बाराबंकी  बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एंबुलेंस पंजीयन करने वाले ‘मुख्तार’ की तलाश में अब पुलिस ने एआरटीओ में पंजीयन के लिए आवेदन वाली फाइल पर काम शुरू किया है। इस फाइल में एंबुलेंस पंजीयन संबंधित दस्तावेज हैं। इसमें भरे गए फार्मों पर हस्तलेख और हस्ताक्षर मिलान की दिशा में तफ्तीश का कदम बढ़ा है। जल्द ही मुख्तार तक पहुंचने की दिशा में पुलिस को अहम सुराग हाथ लग सकता है।बाराबंकी एआरटीओ में पंजीकृत बहुचर्चित मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस यूपी-41 एटी 7171 को पंजीकृत कराने में जो आवश्यक फार्म भरे गए पुलिस उसे भरने वाले परिवहन कर्मी को तलाश रही है। गौरतलब है कि पुलिस के पास इस फाइल की पूरी छायाप्रति है। पहले फाइनेंस कंपनी की भूमिका जांची गई और जिस कंपनी की एंबुलेंस थी उसके कर्मचारियों से भी पूछताछ हुई, लेकिन पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। आखिर फर्जी दस्तावेज बनवाने, पंजीयन का आवेदन करने और फाइनेंस करने आदि सब में मुख्तार का कौन सा गुर्गा आया था। पुलिस ने अब जांच का केंद्र पंजीयन फाइल को बनाया है। यह एंबुलेंस 2013 में पंजीकृत हुई थी। तत्कालीन एआरटीओ प्रशासन राजेश्वर यादव से भी पुलिस पूछताछ के लिए संपर्क कर रही है।

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