औरया जिलाधिकारी ने विकास भवन सभागार में किसान दिवस में कृषकों के साथ की समिक्षा बैठक दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश। ( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )


( जिलाधिकारी ने विकास भवन सभागार में किसान दिवस में कृषकों के साथ की समिक्षा बैठक दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश )
उत्तर प्रदेश औरैया जिलाधिकारी डा0 इन्द्रमणि त्रिपाठी ने विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में कृषकों को संबोधित करते हुए बताया कि धान की कटाई एवं रबी फसलों कि बुआई का समय चल रहा है, जिसमें सबसे बड़ी समस्या फसल अवशेष / पराली की है, जिसे किसान भाई जलाकर पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे है। पराली को जलाने की बजाय इसे खेत में ही छोटे-छोटे टुकडे कर पानी लगाकर छोड़ दें तो यह खेत में सड़कर खाद का काम करता है। कृषक दो ट्राली पराली गोशाला में ले जायें एवं वहां से एक ट्राली गोबर कि खाद ले आयें, इससे गोशाला एवं किसान दोनों को फायदा होगा और पर्यावरण प्रदूषित नहीं होगा। कृषक डी०ए०पी० खाद का समुचित प्रयोग करें क्योंकि यह विदेशों से आयात की जाती है। प्राइवेट सेक्टर की खाद अब सहकारी समिति पर भी मिलेगी, खाद में कालाबाजारी और ओवर रेट करने बालों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी, साथ ही निर्देश दिए कि बिना आधार एवं खतौनी के किसी को भी खाद वितरण न की जाये। गेंहू के बीज की मांग जिला द्वारा की जा चुकी है, जो कि जल्द उपलब्ध हो जायेगा। जनपद में 6 ड्रोन की मांग की गयी है, जिससे यूरिया एवं कीटनाशक के छिड़काव में सहायता मिलेगी। जिलाधिकारी द्वारा किसानों की समस्याओं को सुना एवं सम्बन्धित को मौके पर ही निस्तारण कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। किसान दिवस में उप कृषि निदेशक शैलेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा कृषकों को किसान सम्मान निधि एवं फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। फार्मर रजिस्ट्री का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किये जाने हेतु दो प्रकिर्यात्मक चरणों में क्रिर्यान्वित किया जायेगा। कृषक दिनांक 15 नवम्बर, 2024 से प्रारम्भ हुए प्रथम चरण में सेल्फ मोड में योजना हेतु https://upfr.agristack.gov.in एवं मोवाइल एप Farmer Ragistry UP के माध्यम से स्वंय या जन सुबिधा केन्द्रों से रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। द्वतीय चरण का प्रारम्भ 25 नवम्बर 2024 से केम्प मोड में किया जायेगा, भारत सरकार द्वारा निर्णय लिया गया कि माह दिसम्बर 2024 पीएम किसान योजना की मिलने वाली किस्त हेतु फार्मर रजिस्ट्री का होना अनिवार्य होगा। इस योजना का कृषकों को राज्य सरकार द्वारा कृषकों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे कृषि ऋण, वित्त आदि का लाभ सुगम एवं पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से उपलब्ध होंगी। गेहूँ बीज की मांग 1500 कुण्टल की गयी है, जिसमे 1000 कुण्टल गेहूँ का बीज जनपद को अतिशीघ्र उपलब्ध हो जायेगा । मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा० भगवान सिंह द्वारा कृषकों को कृतिम गर्भाधान एवं पशुओं में टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी एवं किसानों को अवगत कराया कि वह घर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हेतु 1962 टोल फ्री न० डायल कर लाभ उठा सकते है, उन्होने कृषकों को पशुपालन किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में भी विस्तृत रूप से जानकारी दी। सुशील कुमार जिला उद्यान निरीक्षक द्वारा कृषकों को उद्यान विभाग में चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं से अवगत कराते हुये रबी में सब्जियों की खेती करने हेतु बीजों की उपलब्धता, मसाला, बागवानी एवं प्रधानमंत्री सिंचाई योजनान्तर्गत स्प्रिंकलर सैट के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। कृषि विज्ञान केन्द्र ग्वारी औरैया के कृषि वैज्ञानिक डॉ० रामपलट सिंह ने कृषकों को बताया कि गेंहूँ की उन्नतशील प्रजातियों के बारे में अवगत कराते हुये समय से बुआई करने हेतु तकनीकी जानकारी दी गयी। भूमि संरक्षण अधिकारी (अभि०) औरैया विमलेश कुमार ने खेत तालाब योजना एवं अन्य विभागीय योजनाओं की विस्तृत रूप से जानकारी दी गयी। किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी राम सुमेर गौतम, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा० भगवान सिंह, अग्रणी जिला प्रबन्धक औरैया राजीव सिंह, कृषि वैज्ञानिक डा०रामपलट सिंह, जिला उद्यान निरीक्षक सुशील कुमार, जे०ई० सिंचाई विभाग दिबियापुर दिनेश चन्द्र, उप प्रभागीय वनाधिकारी मो० साकिव खान, भूमि संरक्षण अधिकारी दिबियापुर विजय सिंह, मंडी सचिव औरैया हरविलास सिंह, कृषि विपणन निरीक्षक अनुराग सिंह गौतम इत्यादि अधिकारी / कर्मचारी एवं 64 कृषक आदि उपस्थित रहे।

( पंकज सिंह राणावत की खास रिपोर्ट )
