..उत्तर प्रदेश आगरा खेरागढ़ तहसील तेजतर्रार उपजिलाधिकारी संगीता राघव लाकडाउन का स्थिति का निरिक्षण कर लिया जायजा । ( योगेश कुमार पाठक की खास रिपोर्ट )


( तेजतर्रार उपजिलाधिकारी संगीता राघव लाकडाउन का सख्ती से पालन कर लोगों को किया जागरूक लगातार निरीक्षण )
.उत्तर प्रदेश आगरा खेरागढ़ की नवागत उपजिलाधिकारी संगीता राघव अपने कार्य को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। जहां उन्होंने चार्ज संभालने के कुछ ही दिनों में क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाने में कामयाब हुई हैं। उनके काम करने का तरीका पूर्व में आए अधिकारियों से हटके है। सीधा जनता से संवाद करती हैं। कई फरियादी उनके पास समस्या लेकर पहुंचते हैं। तो वह तुरंत मामले का संज्ञान लेकर निस्तारित कराती हैं। उनकी कार्यशैली पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। हर तरफ लोग तारीफों के पुल बांधते हुए दिखाई दे रहे हैं।नवागत उपजिलाधिकारी खेरागढ़ संगीता राघव केवल तहसील क्षेत्र में नियमित रूप से लॉक डाउन की स्थिति का जायजा लेने के लिए कस्बे में भ्रमण करती हैं। विगत दिनों की तरह शुक्रवार को भी उन्होंने कस्बे में पुलिस के साथ भ्रमण किया बेवजह वह बिना मास्क के घूम रहे लोगों के पुलिस से चालान कराए। एसडीएम खेरागढ़ के नियमित भ्रमण से कस्बे में अब लॉक डाउन का पालन हो रहा है। नहीं तो इससे पूर्व अधिकारी न निरीक्षण नही करते थे। बड़ी संख्या में शिकायतें गाइडलाइंस उल्लंघन की आ रही थी। जिन पर न तो खेरागढ़ पुलिस ध्यान दे रही थी। नाही तहसील प्रशासन लेकिन अब ऐसा नहीं है।तेजतर्रार उपजिलाधिकारी खेरागढ़ संगीता राघव का काम करने का तरीका बिल्कुल अलग हैं। वह अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा समय बिता रही हैं। साथ ही तहसील के साथ-साथ लॉकडाउन का पालन कराने के लिए स्वयं कस्बे में भ्रमण करती हैं। लगातार निरीक्षण से बेवजह घूमने वाले भी अब घर से नही निकल रहे हैं। वहीं अवैध रूप से कस्बे में दुकानें खोली जा रही थी। जिन पर खेरागढ़ पुलिस भी कार्यवाही नहीं कर रही थी। लेकिन उपजिलाधिकारी खेरागढ़ के निरीक्षण से दुकानदारों में खलबली मच गई। कस्बे पूर्ण रूप से खेरागढ़ में लॉक डाउन का पालन किया जा रहा है।किसी भी तरह कि कस्बे में भीड़ नहीं है। पिछले दिनों लॉकडाउन के दौरान सरकारी गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। जिला प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद भी कोई एक्शन नहीं लिया गया था। लेकिन एसडीएम खेरागढ़ लोगों को कोरोना गाइडलाइंस का पालन कराने के लिए आए दिन कस्बे में भ्रमण कर रही हैं।

( योगेश कुमार पाठक की खास रिपोर्ट )
