उत्तर प्रदेश कानपुर मंधना के पावन प्रांगण में राहु माता मंदिर में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का किया गया आयोजन। ( पत्रकार सुबोध अग्निहोत्री की खास रिपोर्ट )


उत्तर प्रदेश कानपुर राहूं माता मंदिर मंधना के पावन प्रांगण में जय राहूं मां सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में भागवताचार्य श्री अवधेशाचार्य (ब्रह्मचारी जी) मलावा फतेहपुर द्वारा कथा का रसपान कराया जा रहा है जिसमें आज पांचवे दिन श्री कृष्ण जन्म की कथा सुनाई गई मथुरा के राजा कंस की बहन देवकी थी वह अपनी बहन को ससुराल छोड़ने जा रहा था तभी रास्ते में आकाशवाणी होती है हे कंस जिस देवकी को तू बड़े प्रेम से ले जा रहा है इसी के गर्भ से जन्म आठवां बालक तेरा बध करेगा उसी समय कंस ने देवकी और उनके पति को कारागार में डाल दिया देवकी के सात संताने हुई सभी को कंस ने एक -एक कर मार दिया उसी समय भगवान विष्णु ने योगमाया के साथ मिलकर आठवें बच्चे की रक्षा का उपाय रचा जिस रात देवकी के आठवा पुत्र हुआ उसी समय यशोदा के गर्भ से कन्या ने जन्म लिया वह और कोई नहीं सिर्फ एक माया थी भगवान विष्णु ने चतुर्भुज रूप धारण कर देवकी व वसुदेव को दर्शन दिए और कहां कि मै पुनः शिशु का रूप धारण कर लेता हूं आप मुझे अपने मित्र नंद के घर छोड़ आवे वासुदेव जी ने सूप में रखकर यमुना जी को पार कर भगवान को नंद जी के घर छोड़ आते हैं नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की ।कथा में जय राहूं मां सेवा समिति के समस्त सदस्य व भारी संख्या में भक्तों ने श्री कृष्ण जन्म कथा का रसपान किया।

( पत्रकार सुबोध अग्निहोत्री की खास रिपोर्ट )
