कोविड कन्ट्रोल रूम के प्रभारी बीडीओ पण्डरी कृपाल आत्रेय मिश्रा द्वारा विकासखण्ड में 250 लोगों को आयुर्वेदिक औषधियों का किया गया वितरण । ( निशिथ कुमार की खास रिपोर्ट गोंडा )

गोण्डा कन्ट्रोल रूम के प्रभारी बीडीओआयुष विभाग द्वारा आयोजित वितरण कार्यक्रम में प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी आत्रेय मिश्रा द्वारा लोगों को आयुष क्वाथ चूर्ण, संशमनी वटी तथा आयुष-64 अणु तैल का निःशुल्क वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रभारी बीडीओ श्री मिश्रा ने कहा कि एलोपैथ की दवाओं के साथ-साथ आयुर्वेद में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली तमाम अत्यन्त उपयोगी औषधियां हैं जिनका उपयोग हम कोरोना से बचाव व सामान्य तौर पर अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। श्री मिश्रा के मुताबकि बहुत सारी एंटी वायरल मेडिसिन आयुर्वेद में हैं, जो हमें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने, हमारी रोग प्रतिरोधक (इम्युनिटी) क्षमता बढ़ाने के साथ ही हमें कई तरह के रोगों से बचा सकती हैं। उन्होंने बताया कि इसमें तुलसी, पुष्कर मूल, पीपली, हल्दी, दालचीनी, वासाचूर्ण, लौंग, शितोपलादी चूर्ण शामिल आदि कई अन्य चीजें हैं जो हमारी इम्युनिटी को बूस्ट करने का काक करती हैं। इसके साथ ही अश्वगंधा और गिलोय भी बहुत प्रभावकारी औषधियां हैं, जो बहुत असर करती है। इनका चूर्ण हो सकता है, टैबलेट हो सकती है या काढ़ा बनाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह ली जा सकती है। इसके साथ ही स्वर्ण समीर पन्नघरस, स्वातका चिंतामणि रस, संजीवनी वटी, सुदर्शन घनवटी आदि औषधियां भी कई तरह से बेहद ज्यादा फायदेमंद और संक्रमण से बचाव करती हैं। इन्हें आयुर्वेद डॉक्टर से सलाह के बाद इस्तेमाल किया जा सकता है। यह प्रिवेंटिव भी है और माइल्ड सिम्प्टोम्स के लिए भी कारगर हैं। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण के दौरान आयुर्वेद में कोराना का गंभीर संक्रमण होने पर आधुनिक इलाज के साथ ही आयुर्वेद में कई तरह की सुवर्ण औषधियां उपलब्ध हैं, जिन्हें आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह के बाद प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पोस्ट कोविड होने के बाद लोगों में इम्यूनिटी कम होना, कमजोरी आना और थकान बहुत आम है। इन्हें दूर करने के लिए अमृतारिष्ठ और द्राक्षासव ले सकते हैं। यह कमजोरी और थकान दूर करता है। इसके साथ ही अगस्त्य रसायन और दशमूल हरीतकी अवलेह भी ले सकते हैं। उन्होंने लोगों से यह अपील की कि किसी भी स्थिति में स्ट्रेस यानि तनाव नहीं लेना है। अपनी तासीर के हिसाब से कुनकुना पानी पीएं। फ्रिज में रखी सामग्री का इस्तेमाल नहीं करना है। सुबह-शाम हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही कोरोना का संक्रमण कम हो गया है परन्तु हमें लापरवाह नहीं होना है और लगातार मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करते रहना तथा यथासंभव सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है और हर व्यक्ति जिसने कोविड का टीका नहीं लगवाया है उसे टीका लगवाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि संभावित तीसरी लहर से यदि आए तो जनहानि न हो। इस दौरान क्षेत्रीय यूनानी एवं आयुर्वेद अधिकारी डा0 अशोक कुमार, एडीओ शिवम सिंह सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

( निशिथ कुमार की खास रिपोर्ट गोंडा )

Back to top button
error: Content is protected !!