उत्तर प्रदेश कानपुर सचेंडी में हुए हादसे हैलट में इलाज दौरान एक और की हुई मौत अभी तक हुई 18 लोगों मौत अंतिम संस्कार से पहेले ग्रामीणों ने शव रखकर किया हंगामा ठेकेदार पर कार्यवाही की मांग 18शवो की एक साथ उठी अर्थी प्रशासन ने हर सम्भव मदद का दिया आश्वासन । ( शादाब अहमद अंसारी की खास रिपोर्ट )


( सचेंडी किसान नगर में हुए हादसे हैलट में इलाज दौरान एक और की हुई मौत अभी तक हुई 18 लोगों मौत )
उत्तर प्रदेश कानपुर में सचेंडी हाईवे पर किसान नगर के पास मंगलवार रात डबल डेकर बस और टेंपो की टक्कर में एक और युवक की मौत हो गई। हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर शवों के अंतिम संस्कार से पहले सचेंडी के लाल्हेपुर गांव में 10-10 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणाें ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों ने पुलिस, प्रशासन के अफसरों और नेताओं को गांव से खदेड़ दिया। कुछ प्रतिष्ठित लोगों ने समझाकर उन्हें शांत कराया। तब वे लोग शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। बवाल की आशंका के चलते गांव में पुलिस और पीएसी की तैनाती है। सचेंडी हाईवे पर भारत गैस एजेंसी के सामने मंगलवार रात विपरीत दिशा से आ रहे टेंपो की बस से आमने-सामने की भिडंत हो गई थी। टेंपो में बिस्कुट फैक्टरी में काम करने वाले 21 कर्मचारी सवार थे। इनमें 17 की मौके पर ही मौत हो गई थी। घायलों का हैलट में इलाज चल रहा था। बुधवार दोपहर को घायल अनिल कुमार उर्फ गुलाब (28) की भी मौत हो गई। अनिल भी लाल्हेपुर गांव का रहने वाला था। घायल अंकित की हालत गंभीर बनी हुई है। अंकित कोविड पॉजिटिव भी है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने के निर्देश दिया है, जबकि ग्रामीणों की मांग है कि 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। इसी मांग को लेकर लाल्हेपुर के ग्रामीणों ने शव नहीं उठने दिए। पुलिस व प्रशासन ने सख्ती करने का प्रयास किया तो हालात बिगड़ गए। पहले कहासुनी हुई और फिर अफसरों को ग्रामीणों ने गांव बाहर तक खदेड़ दिया। इसमें नेता भी शामिल रहे। ग्रामीणों का कहना था कि परिवार के परिवार उजड़ गए, इतने मुआवजे में क्या होगा? प्रशासनिक अफसरों ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ईश्वरीगंज निवासी प्रकाश सिंह तोमर बिस्कुट फैक्टरी के लिए लेबर उपलब्ध कराता है। सुपरवाइजर उसका भाई सुनील सिंह है और जिस टेंपो में कर्मचारी सवार थे, वह सबसे छोटे भाई अविनाश सिंह का था। एक टेंपो से 20 से अधिक कर्मचारी रोज फैक्टरी आते जाते थे। कंडम हो चुकी टेंपो से नियमों को ताक पर रखकर कर्मचारियों को ढोया जा रहा था। इस वजह से ग्रामीणों ने ठेकेदार और उसके भाइयों पर भी कार्रवाई की मांग की। हादसे में मरने वाले सभी 18 लोग सचेंडी के दो गांवों के हैं। इनमें लाल्हेपुर के 14 और ईश्वरीगंज के चार मृतक शामिल हैं। एक साथ दोनों गांवों से 18 अर्थियां उठीं तो पूरा का पूरा गांव गमगीन हो गया। सभी का अंतिम संस्कार बिठूर में किया गया। गांव में थोड़ा बहुत हंगामा हुआ था। बाद में ग्रामीण शांत हो गए थे। पीड़ितों की हर संभव मदद की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस की तैनाती की गई है। फरार बस चालकों की तलाश की जा रही है।- अष्टभुजा प्रसाद सिंह, एसपी कानपुर आउटर |

( शादाब अहमद अंसारी की खास रिपोर्ट )
