चंडीगढ़ भारत के महान पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह शनिवार को अपनी पत्नी की फोटो सीने से लगाकर पंचतत्व में हुए विलीन पूरा चंडीगढ़ अपने हीरो को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई । ( धनंजय सिंह की खास रिपोर्ट )

 ( पत्नी की फोटो सीने से लगाकर मिल्खा पंचतत्व में हुए विलीन पूरा चंडीगढ़ अपने हीरो को आंखों से दी गई अंतिम विदाई )

चंडीगढ़ पाकिस्तान के गोविंदपुरा में जन्मे मिल्खा सिंह शनिवार को अपनी अनंत यात्रा पर रवाना हो गए। जीवन में हर कठिनाई को पार कर मिल्खा सिंह ने वो पहचान बनाई कि दुनिया उनकी मुरीद हो गई।कोरोना ने उनका जीवन बेशक छीन लिया लेकिन वे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।चंडीगढ़ में शनिवार शाम जब उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई तो पूरा चंडीगढ़ अपने हीरो को सलामी देने के लिए उमड़ पड़ा। भारत के महान धावक मिल्खा सिंह का अंतिम संस्कार शनिवार को चंडीगढ़ के श्मशान घाट पर हुआ। मिल्खा सिंह का लगभग एक महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझने के बाद शनिवार को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में निधन हो गया। मिल्खा सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू, पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह, चंडीगढ़ के प्रशासक वी पी सिंह बडनोर, पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह आदि मौजूद रहे। इसके साथ ही पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो.जगत राम भी मिल्खा सिंह के अंतिम संस्कार में उपस्थित थे। सिंह की हालत शाम से ही खराब थी और बुखार के साथ ऑक्सीजन भी कम हो गई थी। वह यहां पीजीआईएमईआर के आईसीयू में भर्ती थे।पिछले महीने वो कोरोना से संक्रमित हो गये थे।सिंह की बुधवार को रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।सिंह को जनरल आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। गुरूवार की शाम से पहले उनकी हालत स्थिर हो गई थी।इस महान धावक के सम्मान में पुलिस दल ने अपने हथियारों को उल्टा किया। मिल्खा को तोपों की सलामी भी दी गई, पंजाब सरकार ने मिल्खा सिंह के निधन पर एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने इससे पहले कहा था कि उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

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