उत्तर प्रदेश लखनऊ मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक को रंगे हाथों किया गिरफ्तार मचा हड़कंप | ( विष्णु गुप्ता की खास रिपोर्ट )

उत्तर प्रदेश लखनऊ मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र खरगापुर अनैया में भूमि पैमाइश के लिए जे पी श्रीवास्तव को विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा और लखनऊ उठा ले गई इससे तहसील में हड़कंप मच गया कि अपहरण हो गया अधिकारियों तक शिकायत पहुंचने पर मामले की जानकारी हुई। मोहनलालगंज तहसील के अनैय खरगापुर निवासी राजेश ने भूमि पैमाइश के लिए 2018 में उप जिलाधिकारी के न्यायालय में आवेदन किया था लेकिन राजस्व निरीक्षक उक्त जमीन की पैमाइश (नाप जोक )नहीं कर रहे थे जमीन की पैमाइश करने के लिए रुपयों की लगातार मांग कर रहे थे, इससे परेशान राजेश ने विजिलेंस टीम को उक्त जानकारी दी और राजस्व विभाग की कारगुजा रियों की जानकारी दी तथा ₹15 हजार लेते राजस्व निरीक्षक जय प्रकाश श्रीवास्तव को तहसील परिसर में ही गिरफ्तार कर लिया जब पीड़ित ने ₹15 हजार की रिश्वत सौंपी विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और सीधे लखनऊ निकल गए इससे तहसील में हड़कंप मच गया कि राजस्व निरीक्षक का अपहरण हो गया आनन-फानन में अधिकारियों ने जब संपर्क किया तो पता चला कि विजिलेंस टीम ने राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार किया है इससे सारा दिन तहसील में हड़कंप मचा रहा। प्रदेश सरकार भले ही भ्रष्टाचार को रोकने के अथक प्रयास कर रही हो लेकिन भ्रष्टाचार रुकता नजर नहीं आ रहा है जिसका ज्वलंत उदाहरण राजस्व निरीक्षक की गिरफ्तारी के बाद देखने को मिला जबकि बड़ी मछलियों पर हाथ डालने से सभी कतरा रहे हैं लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों की अगर जांच करा ली जाए तो आय से अधिक संपत्तियों का लेखा जोखा सामने नजर आ जाएगा।लेखपाल लग्जरी गाड़ियों से घूम रहे लेखपालों के पास आखिर अकूत संपत्ति कहां से आई वह चाहे मोहनलालगंज तहसील में तैनात हो चाहे जनपद की अन्य तहसीलों का यही हाल है चाहे जमीन की हद बरारी करानी हो, जमीन पर कब्जा नहीं है तो कब्जा कराने के नाम पर मोटी रकम राजस्व कर्मी वसूल कर रहे हैं ,रिश्वत की रकम न देने पर भूमि का रकबा कम हो जाता है,फिर राजस्वकर्मी फरमान जारी करते है कि न्यायालय जायो मुकदमा करो फिर पैमाईश का आर्डर होगा तब भूमि कि नपाई की जाएगी ।अगर रिश्वत कि रकम दे दो तो तुरंत लेखपालों द्वारा न्याय दे दिया जाता है भूमि नाप कर मौके पर कब्जा भी उपलब्ध करा दिए जाते है अधिकांश मुकदमे इसी कारण लंबित देखे जा सकते हैं।शासन प्रशासन के लाख प्रयासों के बावजूद भी भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।

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